भोपाल। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर कांग्रेस ने मोदी सरकार में श्रमिकों की उपेक्षा का बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने अपने अधिकृत सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-पिछले ग्यारह वर्षों में मोदी सरकार की नीतियों के तहत भारत के श्रमिकों की उपेक्षा हुई है, उनका शोषण हुआ है। पिछले एक दशक में श्रमिकों के साथ हुए अन्याय पर कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा पिछले ग्यारह वर्षों में मोदी सरकार की नीतियों के तहत भारत के श्रमिकों की व्यापक उपेक्षा और शोषण हुआ है और यह सब सरकार की अपनी ही नीतियों से प्रेरित और संरक्षित रहा है। पिछले एक दशक में श्रमिकों पर कम से कम पांच बड़े अन्याय हुए हैं।
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कांग्रेस पार्टी शुरुआत से ही भारत के मेहनतकश लोगों के साथ मजबूती से खड़ी रही है, 1918 के ऐतिहासिक अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन का नेतृत्व स्वयं महात्मा गांधी ने किया था। सरदार वल्लभभाई पटेल, पंडित जवाहरलाल नेहरू, वी.वी. गिरि और बाबू जगजीवन राम जैसे कई कांग्रेस नेता मजदूर आंदोलनों से जुड़े रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश के श्रमिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है और पांच सूत्रीय श्रमिक न्याय एजेंडा को लागू करने के संकल्प को मजबूती से आगे बढ़ाती है। तेलंगाना और कर्नाटक में गिग वर्कर्स के लिए शुरू की गई ऐतिहासिक सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल शुरुआत है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का सपना है कि भारत के सभी मेहनतकश लोगों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण रोजगार मिले।
बीजेपी मजदूर, किसान, गरीब, बेटियों का सबसे बड़ा हिमायती
कांग्रेस के मई दिवस पोस्ट पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि- कांग्रेस और जयराम रमेश ने जो स्थिति मजदूरों की, की थी आज वही स्थिति कांग्रेस और जयराम रमेश की हो गई है। मजदूरों के पास न मजदूरी कार्ड, श्रम कार्ड दिए, न राशन, न पीएम आवास था, न सामाजिक सुरक्षा थी। कांग्रेस कहती थी दुनिया के मजदूर एक हो जाओ, हमारा भाषण सुनो, हमें वोट दो और घर चले जाओ। मजदूरों का सम्मान नरेंद्र मोदी ने लौटाया है। पक्के मकान दिए, पक्के शौचालय दिए, पढ़ाई के इंतजाम किए, 5 लाख की स्वास्थ्य योजना दी, गरीबों को राशन दिया, गैस के चूल्हे दिए। मजदूरों का उत्थान होने से कांग्रेस परेशान है। मजदूर, किसान, गरीब, बेटियों का सबसे बड़ा कोई हिमायती है तो वह नरेंद्र मोदी और बीजेपी हैं।