भोपाल। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पूर्व डीन डॉ अरुणा कुमार को डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) बनाया है। इसे लेकर जूनियर डॉक्टरों ने डिप्टी सीएम को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रदर्शन की चेतावनी दी है। विरोध के चलते पहले भी दो बार डीन, एक बार एचओडी के पद से हटाया गया था।
भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव के रिटायर होने के बाद डॉ. अरुणा कुमार को डीएमई का प्रभार सौंपा गया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने डॉ. अरुणा कुमार की डीएमई पद पर हुई नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताई है। जूडा ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को पत्र लिखकर कहा कि यह निर्णय मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और प्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है।
डॉ. कुमार के प्रशासनिक रवैये के कारण पहले भी कॉलेज परिसर में शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ था और छात्र मानसिक तनाव में रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान एक महिला जूनियर डॉक्टर ने मानसिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाया था। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे संवेदनशील और विवादित पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को डीएमई जैसे उच्च पद पर नियुक्त करना पूरी चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। जूनियर डॉक्टरो ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही इस विषय में जल्द निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।