इंदौर। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 की 200 आंगनवाड़ियों को स्मार्ट बनाने की पहल नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की गई है। इस अभियान के तहत आंगनवाड़ियों को अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है, ताकि बच्चों का शैक्षणिक, बौद्धिक और शारीरिक विकास बेहतर ढंग से हो सके।
इस अवसर पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा -बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं। यदि आप आंगनवाड़ी में आने वाले इन बच्चों की सच्चे मन से सेवा करते हैं, तो यह ईश्वर की पूजा के समान है। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के बड़बोले नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, “भारत की क्षमता को कम ना आंके। यदि युद्ध हुआ तो 24 घंटे के भीतर पाकिस्तान का नामोनिशान मिट जाएगा।”
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि क्षेत्र की आंगनवाड़ियों में 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 60 से लेकर 150 तक बच्चे हैं। कुल मिलाकर 7 हजार बच्चे प्रतिदिन आंगनवाड़ी में आते हैं। 2-3 घंटे आंगनवाड़ी की दीदी के साथ गुजारते हैं। इसलिए आप इन बच्चों को अपने बच्चों की तरह रखकर प्यार और स्नेह दे। इनको अच्छे संस्कार दें। महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज जैसे शूरवीरों की कहानियां इन बच्चों को सुनाए, जिससे ये बच्चे हमारे महापुरुषों की गौरवगाथा को सुने, देश की संस्कृति और संस्कारों को पहचाने। यदि इसके लिए किताबों की जरूरत होगी तो हम उपलब्ध करवा देंगे।
मंत्री विजयवर्गीय बोले-आंगनवाड़ी को क्रिएटिविटी का क्षेत्र बनाएं
उन्होंने आगे कहा- जब मैं बच्चा था, तो मां से पूछता था कि यह काला पत्थर क्या है? मेरी मां मुझे बताती थी कि ये लड्डू गोपाल है। बच्चे जब प्रश्न पूछते हैं तो उनके अंदर तार्किक क्षमता का विकास होता है। बच्चों को आर्ट सिखाएं, इससे बच्चों में क्रिएटिविटी का विकास होगा। आंगनवाड़ी को क्रिएटिविटी का क्षेत्र बनाएं, जिससे माता-पिता आगे रहकर बच्चों को आंगनवाड़ी में छोड़ने के लिए आएं। आंगनवाड़ियों में इस बात की प्रतिस्पर्धा होना चाहिए कि किसकी आंगनवाड़ी में ज्यादा बच्चे आते हैं।
आंगनवाड़ी से जुड़े लोग अपनी आवश्यकता हमें बताएं। हम आपकी हर जरूरत को पूरा करेंगे। सरकार की ओर से यदि संभव नहीं हुआ तो हम अपनी ओर से मदद करेंगें। बच्चे यदि कम्प्यूटर में रुचि रखेंगे तो हम आंगनवाड़ियों को कम्प्यूटर भी उपलब्ध करवाएंगे। बच्चों को यदि आप भगवान समझकर उनकी सेवा करेंगे तो आपको भगवान की सेवा के बराबर फल मिलेगा। अपने जन्मदिन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैने जन्मदिन पर गोसेवा की बात कही थी। इंदौर और इंदौर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों ने गोसेवा की है। मैं इस समय पार्षदों से अनुरोध करुंगा कि वह अपना जन्मदिन आंगनवाड़ी में बच्चों के साथ मनाएं।