चित्तौड़गढ़। देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना के केन्द्र सरकार के निर्णय का स्थानीय नूरी सुन्नी अंजुमन संस्था ने स्वागत किया तथा इसे वर्षों से पिछड़ रहे पसमंदा समुदाय को लाभ मिलने की आशा जताई।
प्रदेश अध्यक्ष इकबाल हुसैन खिलजी ने मोदी सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले का नूरी सुन्नी अंजुमन संस्था ने स्वागत करते हुए कहा कि समुदाय के वोट बैंक की राजनीति पर विराम लगेगा और पसमांदा समुदाय को लाभ मिलेगा। वर्तमान में मुस्लिम समुदाय की 95 प्रतिशत आबादी पसमंदा है और केवल 5 प्रतिशत ही सामान्य है। जातिगत जनगणना से वर्षों से पिछड़ रहे 95 प्रतिशत समुदाय को लाभ होगा, उसमें जागरूकता आएगी। उन्होंने इससे पूर्व के प्रधानमंत्री मोदी के तीन तलाक बिल, धारा 370 खत्म करने व वक्फ संशोधन बिल जैसे ऐतिहासिक फैसलों का भी स्वागत किया।
प्रदेश संयोजक मोहम्मद सिद्दीक नीलगर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जातिगत जनगणना से हर क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी व भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। जातिगत जनगणना से समाज आर्थिक रूप से मजबूत होगा और सामाजिक रूप से गरीब पसमंदा तबके को लाभ पहुँचेगा।
इस दौरान जातिगत जनगणना के निर्णय का डॉ. अब्दुल रशीद, अरमान खान, मोहम्मद सिद्दीक नीलगर, इकबाल हुसैन खिलजी, मोहम्मद फारूख, मोहम्मद रफीक, शफीना खिलजी, जाकीर हुसैन, शाहनवाज हुसैन, इमरान हुसैन, एडवोकेट अबरार नीलगर, इसरार अहमद, हसन रजा, नूर मोहम्मद, मोहम्मद हासम, इरफान हुसैन आदि ने स्वागत किया।