उमरिया। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमित तावरे ने जातिगत जनगणना को राहुल गांधी की वैचारिक जीत करार दिया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी के संसद से सड़क तक के संघर्ष ने भाजपा सरकार को इस फैसले के लिए मजबूर किया है।
तावरे ने कहा कि भाजपा ने राहुल गांधी के उठाए गए हर मुद्दे का मजाक उड़ाया था। जीएसटी, कोरोना, आर्थिक मंदी, भूमि अधिग्रहण और कृषि कानून जैसे मुद्दों पर उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। लेकिन अंत में सरकार को वही करना पड़ा, जिसकी भविष्यवाणी राहुल गांधी ने की थी।
तावरे ने आरएसएस पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि 1924 में बने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्षों में कभी किसी दलित को संघ प्रमुख नहीं बनाया।
30 अप्रैल को सरकार ने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की
30 अप्रैल 2025 को राजनीतिक विषयों की कैबिनेट कमेटी ने जातिगत जनगणना कराने का फैसला लिया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि जातियों की गणना अब आने वाली मूल जनगणना में ही शामिल होगी।