इंदौर। भारत सरकार ने पाकिस्तान से वस्तुओं के आयात-निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया है।
इससे पहले पुलवामा हमले के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान से आने-जाने वाली वस्तुओं पर 200 प्रतिशत इम्पोर्ट ड्यूटी लगा रखी थी। इससे बचने के लिए व्यापारियों ने नया रास्ता खोज लिया है।
सियागंज के व्यापारियों के अनुसार-
पिछले चार साल से पाकिस्तानी खारक दुबई के रास्ते भारत आ रही है। व्यापारी पाकिस्तानी माल को पहले दुबई भेजते हैं। वहां से यूएई की सील लगवाकर भारत में मंगवाते हैं। दुबई रूट से आयात करने पर केवल 20 से 30 प्रतिशत ड्यूटी लगती है। इस तरह व्यापारियों को प्रति किलो 30 से 50 रुपए का आयात खर्च आता है। भारत और यूएई के बेहतर संबंधों का फायदा उठाया जा रहा है।
दूसरे रास्तों से आ रहा सेंधा और लाहौरी नमक
विश्व की 90 प्रतिशत खारक पाकिस्तान में उत्पादित होती है। इंदौर से यह महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरला, दिल्ली और मुंबई भेजी जाती है।
इस व्यवस्था से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। दुबई से कम कीमत के बिल बनाए जा रहे हैं, जिससे कस्टम ड्यूटी और जीएसटी की चोरी हो रही है। भारत से चना भी बड़े पैमाने पर पाकिस्तान पहुंच रहा है। साथ ही अन्य देशों के रास्ते सेंधा नमक और लाहौरी नमक भी पाकिस्तान से भारत आ रहा है।