मुरैना। लूट के मामले में संदेही को पकड़ने गई जौरा पुलिस टीम पर हमला हो गया। दरअसल, जिस संदेही को पकड़ने के लिए पुलिस गई थी, उसकी शादी सोमवार को ही होने वाली थी, दूल्हा बनाकर बारात ले जाने की तैयारी चल रही थी, तभी पुलिस ने दूल्हे को पकड़ लिया। इससे आक्रोशित हुए परिजन, रिश्तेदार, ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। सोमवार की दोपहर यह घटना जौरा थाना क्षेत्र के सिकरौदा ग्राम पंचायत के शंकरपुरा गांव की है।
जानकारी के अनुसार बता दे कि , दो दिन पहले सबलगढ़ में एक व्यापारी की आंखों में मिर्च डालकर छह लाख रुपये की लूट हुई थी। इस मामले में पुलिस के शक की सुई शंकरपुरा के संदीप पुत्र भौंरू रावत पर टिक गई। जौरा पुलिस की तीन गाड़ियां दोपहर संदीप को पकड़ने गई थी। संदीप की शादी थी। जिस समय पुलिस पहुंची तब संदीप की बारात ले जाने की तैयारी चल रही थी। बारात सबलगढ़ के रुनघान खालसा गांव जा रही थी। पुलिसकर्मियों ने दूल्हा बने संदीप को पकड़ लिया और ले जाने लगे। इसी बात पर परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण आक्रोशित हो गए, क्योंकि संदीप पर कोई अपराध भी दर्ज नहीं है। गुस्साई भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। महिलाओं तक ने पथराव कर पुलिस को खदेड़ना शुरू कर दिया। हालत यह हुई कि, पुलिसकर्मियों को बचने के लिए छिपना पड़ा। पथराव व हंगामे में जौरा टीआइ की निजी स्कार्पियो गाड़ी से लेकर थाने की एक बोलेरो और डायल 100 वाहन के शीशे फूट गए। पुलिस दूल्हा संदीप को थाने ले आई, इसके बाद थाने पर हंगामा हुआ, मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने संदीप को छोड़ दिया। इसके बाद जौरा से लेकर मुरैना तक के पुलिस अफसर मामले को दबाने में जुटे रहे।