चित्तौड़गढ़। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 चित्तौडगढ के पीठासीन अधिकारी सिद्धार्थ सान्दू ने अपने महत्वपुर्ण निर्णय दिनांकित 19-04-2025 द्वारा चेक अनादरण के अपराध के लिये आरोपी- घनश्याम कंवर हिंगवानिया को दोषसिद्ध घोषित किया और आरोपी को पांच लाख पचास हजार रूपये के अर्थदण्ड और एक वर्ष के साधारण कारावास के दण्ड से दण्डित किया है।
परिवादीया राजकंवर द्धारा अपने एडवोकेट- रत्नेश कुमार जैन (बोहरा), विशाल सिंह भाटी, मोनिका जैन के मार्फत चेक अनादरण का 01 परिवाद घनश्याम कंवर के विरुद्ध न्यायालय में पेश कर निवेदन किया था, कि अभियुक्ता ने अपने घरेलु खर्च एवं अन्य वैध कार्याे में रूपयो की आवश्यकता होना बताकर परिवादी से राशि 4,00,000/-रूपये अक्षरे चार लाख रूपये उधार लिये और इस ऋण के पूर्नभुगतान के लिये अभियुक्ता द्धारा उसके बैंकखाते का एक चौक नंबर 009303 दिनांकित 05-04-2021 राशि 4,00,000/-रूपये अक्षरे चार लाख रूपये का बैंक- चित्तौडगढ केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड शाखा सांयकालिन चित्तौडगढ का चेक विश्वास दिलाकर दिया था कि नियत तारिख को बैंक में पेश करने पर उक्त चेक का भुगतान परिवादीया को मिल जावेगा। परन्तु उक्त चौक अनादरित हो गया और चौक का पेमेन्ट प्राप्त नही हुआ। परिवादी द्वारा लीगल नोटिस दिलवाने के उपरान्त भी आरोपी द्वारा चौक वर्णित राशि परिवादी को अदा नहीं की गयी। जिस पर परिवादी ने अपने अधिवक्ता रत्नेश कुमार जैन (बोहरा), विशाल सिंह भाटी, मोनिका जैन के मार्फत न्यायालय में परिवाद पेश किया था।
प्रकरण की सुनवाई पुर्ण होने पर न्यायालय ने अभियुक्त घनश्याम कंवर को दोषसिद्ध पाकर घनश्याम कंवर पर राशि रुपये पांच लाख पचास हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया और 01 वर्ष के साधारण कारावास से दण्डित किया है।
(प्रकरण संख्या 1823/2021 अनवान राजकंवर बनाम घनश्याम कंवर) के निर्ण की नकल आज प्राप्त होते ही प्रेस विज्ञप्ति प्रेषित है।