इंदौर। मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान स्लॉट बुकिंग से वंचित नहीं रहना चाहिए। साथ ही उपार्जन केंद्रों पर किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश में अब तक 8 लाख 87 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों से 76.60 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों को 5 मई तक 16,472 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 81 लाख मैट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य है, जो पिछले वर्ष के रिकॉर्ड से अधिक होगा।
समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई कि वर्ष 2025-26 में 34.93 लाख एकड़ क्षेत्र में गेहूं की खरीद के लिए 15.44 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके लिए प्रदेश में 3,620 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। शेष किसानों की स्लॉट बुकिंग के लिए पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध है। इन किसानों से 9 मई तक गेहूं की खरीद की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा भी उपस्थित थे।