रायसेन। जिले के बाड़ी क्षेत्र स्थित गौरा मछवाई गांव में नर्मदा नदी से पोकलैंड मशीनों के जरिए रेत खनन किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस खनन कार्य पर रोक लगाने और स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन कंपनी न सिर्फ रोजगार से वंचित कर रही है, बल्कि दहशत फैलाने और धमकी देने का भी काम कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन कंपनी पोकलैंड मशीनों से रेत निकाल रही है, जिससे क्षेत्रीय मजदूरों का रोजगार छिन गया है। जब स्थानीय लोग कंपनी से काम की मांग करते हैं, तो अधिकारी उन्हें यह कहकर टाल देते हैं कि वे सरकारी राशन से गुजारा करें। इससे गांव के मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
हथियारबंद लोग फैला रहे डर, झूठे मुकदमों की धमकी
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन कंपनी के करीब सात लोग गांव में बंदूक लेकर घूमते हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है। इन लोगों द्वारा ग्रामीणों को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी जाती है। इससे गांव में असुरक्षा और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
दो सूत्रीय मांगों के साथ दिया गया ज्ञापन
ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, नर्मदा नदी में चल रहे खनन कार्य को तुरंत रोका जाए। दूसरी, रेत ढुलाई और संबंधित कार्यों में मशीनों के बजाय स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके और वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।