छतरपुर। जिले की राजनगर तहसील के एसडीएम प्रशांत अग्रवाल पर तहसील परिसर में वकीलों और आम नागरिकों ने मिलकर उनके खिलाफ लगाए आरोप, वकीलों का कहना है कि एसडीएम न तो अपने चेम्बर में बैठते हैं, न समय पर मामलों की सुनवाई करते हैं, और न ही सीमांकन जैसे जरूरी मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई हो रही है।
स्थानीय अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम से मिलने के लिए लोगों से ‘पर्ची’ मंगाई जाती है, और यह तय किया जाता है कि किससे मिलना है और किससे नहीं दृ वह भी व्यक्ति के नाम, पद और रुतबे के आधार पर। उन्होंने कहा, “एसडीएम जनता के सेवक हैं, राजा नहीं कि हुकूमत करें। यह व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है।
तहसील कार्यालय में रोजाना सैकड़ों लोग अपने आवेदन लेकर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें केवल निराशा ही हाथ लगती है। न सुनवाई होती है, न समाधान। दिनभर इंतज़ार करने के बाद लोग मायूस होकर लौट जाते हैं। नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही के कारण जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।