छतरपुर। जिला के बड़ामलहरा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामटोरिया के मजरा चिरोला में विगत दिनों पहले आंधी तूफान के साथ भयानक आगजनी की घटना सामने आई थी। जिसमें ग्रामीणों के घरों में आग लगने से ग्रामीणों का लाखों रुपए की सामग्री जलकर राख हो चुकी थी। रविवार को छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ चिरोला गांव आगजनी से पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे जहां कलेक्टर ने खाद्य विभाग ,पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग ,पी एच ई विभाग राजस्व विभाग एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों से आग से प्रभावित गांवों में तीन दिवसीय राहत बचाव कार्य के लिए कैंप लगाए जाने के लिए निर्देशित किया था।लेकिन अधिकारीयों के द्वारा केवल राशन किट का वितरण करवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार चिरोला गांव के करीब 15 घरों में अब तक आग लगी हुई हैं। ग्रामीणों ने बताया हैं कि गांव में लाइट ठप्प होने की वजह से निजी बोर के से भी आग नहीं बुझाई जा सकती है । और प्रशासन के द्वारा भी आग बुझाने के लिए पानी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। कलेक्टर के आदेशानुसार सबसे पहले आग को पूरे तरीके से बुझाए जाने के बाद ग्रामीणों को अलग स्थान पर रेस्क्यू कर जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक आगजनी से प्रभावित ग्रामीणों के खान, पान, चिकित्सा, पशु चिकित्सा, पेयजल, की व्यवस्था के साथ तत्काल राशन दुकान खोले जाने के संबंध में संबंधित विभागों को निर्देशित किया था। विभागों के कैंप भी मौके पर लगाए जाने थे।लेकिन मौके पर किसी भी विभाग का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। न ही किसी विभाग के द्वारा कोई राहत बचाव कार्य के लिए शिविर लगाया गया। ग्रामीणों ने कलेक्टर से व्यवस्थाओं को दुरस्त कराने की मांग की हैं।
आगजनी से प्रभावित ग्रामीणों के हुए नुकसान का सर्वे करवाकर मुआवजा देने के लिए कलेक्टर ने कहा था। अमले को सर्वे करने के लिए निर्देशित भी किया था। लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक सर्वे शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना हैं अब तक सर्वे करने के लिए कोई अधिकारी नहीं आया हैं।