जबलपुर। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद शुरू हुए श्ऑपरेशन सिंदूरश् को लीड करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का नाता मध्यप्रदेश के जबलपुर और छतरपुर से है। ऑपरेशन की सफलता के बाद मीडिया ब्रीफिंग भी खुद कर्नल सोफिया ने की। जबलपुर की अधारताल कॉलोनी में रहने वाली उनकी भाभी उजमा कुरैशी ने कहा- श्टीवी पर उन्हें देखा, तो सर गर्व से ऊंचा हो गया। रातभर नींद नहीं आई, एक डर भी था, लेकिन गर्व उससे कहीं बड़ा था।श्
कर्नल सोफिया का जन्म 12 दिसंबर 1975 को छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे के रंगरेज मोहल्ले में हुआ था। वहीं उन्होंने पांचवीं तक की पढ़ाई की। उनका परिवार वर्षों से जबलपुर से जुड़ा रहा है। उनकी भाभी उजमा कुरैशी आज भी अधारताल क्षेत्र में रहती हैं। उजमा बताती हैं, ष्ननद सोफिया ने न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर को लीड किया, बल्कि भारत की बेटियों को यह संदेश भी दिया कि वे किसी भी मोर्चे पर पीछे नहीं हैं।
कर्नल सोफिया की भतीजी आन्हा कुरैशी ने कहा, “जब टीवी में बुआ को देखा तो विश्वास ही नहीं हुआ कि इतनी बड़ी सेना ऑपरेशन की कमान उन्होंने संभाली थी। अब मेरा भी सपना है कि मैं बुआ की तरह आर्मी में जाकर देश की सेवा करूं।
वीडियो कॉल पर सोफिया ने आन्हा से कहा, अगर मेरी तरह बनना है तो बहुत पढ़ाई करनी होगी।ष् आन्हा कहती है, “मैंने वादा किया है कि पूरी मेहनत करूंगी।
कर्नल सोफिया का परिवार शुरू से ही सेना से जुड़ा रहा है। उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी बीएसएफ में सूबेदार के पद से रिटायर्ड हुए हैं। उनके चाचा इस्माइल कुरैशी और बली मोहम्मद भी बीएसएफ में रह चुके हैं। सोफिया की पढ़ाई बड़ौदा और रांची में हुई थी। इसके बाद उनका चयन भारतीय सेना में हुआ।
सोफिया सेना में लेफ्टिनेंट से शुरू कर कैप्टन, फिर मेजर और लेफ्टिनेंट कर्नल के पदों पर काम कर चुकी हैं। वर्तमान में वह कर्नल के पद पर तैनात हैं। उनके पति ताजुद्दीन कुरैशी भी सेना में मेजर हैं।