जबलपुर। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्वालियर चंबल संभाग का सबसे बड़ा सरकारी (जयारोग्य अस्पताल) अलर्ट मोड पर है। डॉक्टर को 24 घंटे मोबाइल चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ दवाओं के स्टॉक रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जीआरएमसी के डीन डॉ आरकेएस धाकड़ ने कहा
निर्देश मिलते ही अस्पताल अलर्ट मोड पर है। आपातकालीन स्थिति में ट्रॉमा के एक्सटेंशन किस स्थान पर कितनी संख्या में किया जा सकता है। इसकी तैयारी रखने के साथ-साथ इमरजेंसी और अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, एंबुलेंस का स्ट्रक्चर प्वाइंटों पर तैयार रखने और डॉक्टर को 24 घंटे मोबाइल चालू रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अस्पताल का कोई भी कर्मचारी अधिकारी डॉक्टर के बिना लिखित अनुमति के मुख्यालय को नहीं छोड़ सकता। इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं।
बता दें कि पाकिस्तान पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए चीफ सेक्रेट्री से मिले निर्देशों के बाद जीआरएमसी समूह और ग्वालियर चंबल संभाग के सबसे बड़े जयारोग्य अस्पताल अलर्ट मोड पर है। जिले के सभी अस्पतालों के साथ-साथ जीएएच अस्पताल की छत पर रेडक्रॉस के निशान भी बनाए गए हैं।