चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) महेन्द्र सिंह सिसोदिया की अध्यक्षता में 10.05.025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल द्वारा बताया गया कि इस बार लोक अदालत में अतिरिक्त बैंक, बीमा, बिजली, पानी सहित, अन्य विभागों के प्री लिटिगेशन प्रकृति के प्रकरणों के अतिरिक्त राजस्व न्यायालयों के प्रकरणों को भी सम्मिलित किया गया है।
निस्तारण के लिए बैंचेज का गठन-
प्राधिकरण सचिव ने बताया कि चिन्हित प्रकरणों के संख्या के अनुरूप जिले भर में कुल 15 बैंचेज का गठन किया गया है। इनमें जिला मुख्यालय पर 03 बैंचेज व ताल्लुका मुख्यालयों पर 12 बैंचेज शामिल है। प्रत्येक बेंच में न्यायिक अधिकारी अध्यक्ष, एवं सदस्य के रूप में राजस्व अधिकारी/अधिवक्ता होंगे।
चिन्हीकरण के बाद प्री-काउंसलिंग
प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल ने बताया कि प्रकरणों के चिन्हीकरण के बाद राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व पक्षकारों में प्री-काउंसलिंग भी कराई गई है। प्रथम प्री-काउंसलिंग सुलह वार्ता में यदि राजीनामा नहीं होने तथा राजीनामा के आसार होने पर ऐसे में प्रकरणों में द्वितीय काउंसलिंग भी की गई है।
प्रचार प्रसार
प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल ने बताया कि उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार प्रसार बाबत् प्राधिकरण द्वारा आयोजित किये जाने वाले शिविर में जनता को जानकारी प्रदान की गई है तथा लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के फायदे बताकर अपने राजीनामा योग्य प्रकरणों को निस्तारित करवाने हेतु प्रोत्साहित किया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि स्कूली विद्यार्थियों द्वारा रैली के माध्यम से भी राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार प्रसार किया गया है। इसके अलावा प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार प्रसार किया गया हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के हेल्पलाइन नं. 8306002112 एवं नालसा हेल्पलाइन नं. 15100 पर भी फोन कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
नोटिसों की तामील
प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल ने बताया कि न्यायालयों से जारी होने वाले नोटिसों की तामील हेतु जिला मुख्यालय सहित समस्त ताल्लुका मुख्यालयों के लिए पृथक-पृथक पुलिस टीम का गठन जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया है, जिनके द्वारा नोटिसों की तामील कराई गई है। इसके अतिरिक्त तामिल रिपोर्ट का भी पृथक से मूल्यांकन किया जाकर अधिकतम बार तामील का प्रयास किया जा रहा है।
ऑनलाइन व ऑफलाइन लोक अदालत
यह राष्ट्रीय लोक अदालत ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन के विकल्प भी खुले रखे गये है। यदि कोई पक्षकार काउंसलिंग या नोटिस की प्राप्ति पर न्यायालयों में उपस्थिति नहीं दे सकता है तो वह ऑनलाइन मोड से भी उपस्थिति दर्ज कराकर राष्ट्रीय लोक अदालत का फायदा उठा सकता है।
समस्त विभाग सम्मिलित किये गये
प्राधिकरण सचिव ने बताया कि इस बार की राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी विभागों को सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है। बैंक एवं वित्तीय संस्थान, राजस्व न्यायालय, बीमा कंपनियां, जल, बिजली व बीएसएनएल के साथ ही अन्य विभागों को भी सम्मिलित किया गया है जिनके प्रकरणों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित करने का प्रयास किया जायेगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत के कई फायदे
प्राधिकरण सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित दीवानी प्रकरणों में पूर्व में अदा किये गये न्याय-शुल्क की वापसी का प्रावधान है। लोक अदालत के जरिये निर्णित मुकदमे में अपील वर्जित होने से मुकदमा अंतिम रूप से निर्णित हो जाता है। अतः समस्त पक्षकारान एवं अधिवक्तागण से अपील की जाती है कि आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठावें तथा अधिक से अधिक संख्या में प्रकरणों के निस्तारण में सहयोग प्रदान करें।