जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे की जनरल मैनेजर (जीएम) शोभना बंदोपाध्याय को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने वरिष्ठता आदेश की अवहेलना को लेकर पेश होने और स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। यह मामला लोको पायलट अजय बाजपेई की वरिष्ठता निर्धारण से जुड़ा हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 14 मई को निर्धारित है।
कैट की जबलपुर स्थित डिवीजन बेंच के न्यायिक सदस्य जस्टिस एके श्रीवास्तव और प्रशासनिक सदस्य मल्लिका आर्य ने मामले की सुनवाई के दौरान रेलवे प्रशासन के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। बेंच ने यह भी स्पष्ट रूप से पूछा कि संशोधित पैनल का निर्धारण किस आधार पर किया गया है।
याचिकाकर्ता अजय बाजपेई की ओर से अधिवक्ता सपन उसरेठे ने बताया कि बाजपेई से जूनियर कर्मचारियों को पदोन्नति दे दी गई, जबकि कैट ने 2013 में ही निर्देश दिया था कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया के आधार पर वरिष्ठता सूची को सही कर अजय बाजपेई को लाभ दिया जाए।
रेलवे ने उस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2024 में खारिज कर दिया। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते याचिकाकर्ता ने कैट में अवमानना याचिका दाखिल की।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि याचिकाकर्ता से जूनियर कर्मचारी अब पैसेंजर और मेल ड्राइवर जैसे पदों पर पदोन्नत हो चुके हैं, जबकि याचिकाकर्ता को अब तक न्याय नहीं मिला। अगली सुनवाई में जीएम को स्वयं उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करना होगा।