नर्मदापुरम। मंगलवार को ज्येष्ठ अमावस्या के अवसर पर नर्मदापुरम में हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। अलसुबह से ही घाटों पर स्नान, पूजन और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया।
सेठानी घाट, कोरी घाट, विवेकानंद घाट, गोंदरी घाट सहित शहर के सभी प्रमुख घाटों पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु स्नान कर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना में लीन रहे।
इटारसी, बैतूल, भोपाल से पहुंचे श्रद्धालु
नर्मदापुरम के अलावा हरदा, इटारसी, बैतूल, भोपाल और बीना से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जिले के आंवली घाट, साड़िया, बाबरी घाट, खोकसर और बांद्राभान में भी स्नान और पूजा हुई।
शनि जयंती पर पूजन और तेल अर्पण
अमावस्या के दिन भगवान शनिदेव का प्रकटोत्सव भी मनाया गया। होली चौक, ग्वालटोली और सर्किट हाउस स्थित प्राचीन शनि मंदिरों में सुबह से भक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने तिल का तेल अर्पित कर अभिषेक किया। दोपहर 12 बजे शनिदेव के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-पाठ हुआ।
वट सावित्री व्रत पर सुहागिनों ने की पूजा
इस दिन वट सावित्री व्रत भी रखा गया। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि के लिए बरगद के पेड़ की पूजा की। उन्होंने वट वृक्ष को जल अर्पित कर कच्चा धागा लपेटा, पूजा की और परिक्रमा कर सौभाग्य की कामना की।
एक साथ तीन पर्व, बना विशेष संयोग
इस बार एक ही दिन ज्येष्ठ अमावस्या, शनि जयंती और वट सावित्री व्रत होने से यह दिन धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। शहर भर के घाटों और मंदिरों में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।