जयपुर। जनजागृति सामाजिक सेवा संस्थान की राष्ट्रीय बैठक शनिवार को जयपुर में आयोजित हुई। बैठक में राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और गुजरात की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कन्यादान महादान योजना के प्रभावी संचालन, शाखाओं की समस्याओं तथा उनके समाधान को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदयाल बोरदिया ने की। उन्होंने कहा कि संस्थान के सभी कार्यक्रम सर्व समाज के लिए संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य बाल विवाह पर रोक लगाना तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानपूर्वक विवाह में सहयोग करना है।
बैठक में शाखा पदाधिकारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। संस्थान ने योजना को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय-
प्रत्येक पात्र वर-वधू को संस्थान की ओर से भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा।
लाभार्थियों की अमानत राशि तीन किश्तों में लौटाई जाएगी।
पहली किश्त – 5 माह बाद
दूसरी किश्त – 12 माह बाद
तीसरी किश्त – केवल लाडली भूखंड योजना का लाभ लेने वाले लाभार्थियों को मिलेगी।
विवाह के 15 दिनों के भीतर विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र संबंधित शाखा में जमा करना अनिवार्य होगा। समय सीमा में प्रमाण-पत्र जमा करने वाले लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदयाल बोरदिया ने सभी शाखा पदाधिकारियों से योजना के नियमों का पारदर्शिता के साथ पालन करते हुए अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
बैठक में प्रदेश प्रवक्ता धर्मराज बैरवा, संजय बैरवा, कोषाध्यक्ष हेमंत नागरवाल, वरिष्ठ लेखाकार मदनलाल, सहायक कार्यालय अधिकारी सहित संस्थान के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।