चित्तौड़गढ़। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत कंथारिया ग्राम पंचायत में लगभग 2.10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित विभिन्न सामुदायिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा को प्रोत्साहन तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कपासन विधायक अर्जुन जीनगर ने हिंदुस्तान जिंक द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी शिक्षा, सड़क एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कंपनी इसी तरह ग्रामीण विकास के लिए कार्य करती रहेगी।
इस अवसर पर पंचायत एवं स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया गया। इनमें रूपाखेड़ी में 500 मीटर सीसी सड़क, कंथारिया में 1000 मीटर सीसी सड़क, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कंथारिया में दो नए कक्षों का निर्माण तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सागवाड़िया को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करना शामिल है। साथ ही कंथारिया में 4,000 वर्गफीट के सामुदायिक भवन का भूमि पूजन भी किया गया।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सागवाड़िया में दो नए कक्ष, एक कार्यालय कक्ष, मध्याह्न भोजन के लिए रसोई, छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालय तथा पानी की टंकी का निर्माण किया गया है। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी।
लोकार्पण समारोह में विधायक अर्जुन जीनगर, कालूराम जाट, राकेश लड्डा, चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के पायरो हेड पुष्पेंद्र मीणा, हेड सिविल कामाख्या सिंह, हेड सिक्योरिटी जी. मल्लेशम, हेड सीएसआर सुंदर राज, पंचायत प्रतिनिधि, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, ग्रामीणजन एवं हिंदुस्तान जिंक के अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने कहा कि ये विकास कार्य क्षेत्र में शिक्षा, सड़क संपर्क और सामुदायिक सुविधाओं को नई मजबूती देंगे तथा पंचायत, समुदाय और हिंदुस्तान जिंक के संयुक्त प्रयास ग्रामीण विकास का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
हिंदुस्तान जिंक शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। कंपनी का उद्देश्य स्थानीय समुदायों के सहयोग से आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध गांवों का निर्माण कर दीर्घकालिक सामाजिक विकास सुनिश्चित करना है।