BREAKING NEWS
BIG NEWS : नीमच में मंगलवार को बिजली विभाग का.. <<     BIG NEWS: नशे के कारोबार में फरारी काट रहा था 12.. <<     BIG NEWS : मंदसौर से राजस्थान तक फैला था डोडाचूरा.. <<     KHABAR : एक सुर, एक स्वर और देशभक्ति का संदेश, नीमच.. <<     BIG NEWS : पत्नी के चरित्र पर करता था शक, शराब के नशे.. <<     KHABAR : नगरपालिका के 14 प्रस्तावों पर बीजेपी.. <<     BIG NEWS : हरदीप पुरी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी,.. <<     BIG NEWS : दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी आदिवासी.. <<     BIG REPORT : सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पांच.. <<     KHABAR : दीपावली बोनस और लंबित मांगों को लेकर.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : बालाघाट में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई,.. <<     BIG NEWS : गंभीरी नदी के पास खड़े थे तीन युवक, फिर.. <<     BIG VIDEO UPDATE : अफीम किसानों की आखिरी आस अब सांवलिया.. <<     BIG NEWS : तीन प्रमुख सचिव और 16 अफसर होंगे पदोन्नत,.. <<     BIG NEWS : सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त हुईं सीएमओ,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 1, 2026, 4:46 pm
NEWS : आत्म साधना की पूर्णाहुति, संथारा साधना पूर्ण कर लाड़कंवर पोखरना ने शांतिपूर्वक किया देह का त्याग, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

Share On:-

चित्तौड़गढ़। गांधीनगर निवासी लाड़कंवर पोखरना, धर्मपत्नी प्रकाश पोखरना एवं स्व. मोहनलाल पोखरना परिवार की वरिष्ठ सदस्य, का 1 अगस्त 2026 को जैन परंपरा के अनुसार चोविहार संथारा पूर्ण हुआ। उन्होंने प्रातः 5.15 बजे शांत भाव से देह त्याग कर अपनी आत्म साधना की पूर्णाहुति की।

जानकारी के अनुसार लाड़कंवर पोखरना पिछले लगभग दो वर्षों से अस्वस्थ थीं और उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। जीवन के अंतिम चरण में उन्होंने आत्मकल्याण एवं आध्यात्मिक साधना के उद्देश्य से संथारा ग्रहण करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। उनके अटल निश्चय को देखते हुए परिवारजनों ने आपसी सहमति से उनकी इस धार्मिक भावना का सम्मान किया।

24 जुलाई 2026 को शांतक्रांति संघ नायक आचार्य श्री विजयराज जी महाराज साहब के आज्ञानुवर्ती विद्वान संत अभिनव मुनि महाराज एवं दिव्यम मुनि महाराज ने उन्हें विधिवत चोविहार संथारे के प्रत्याख्यान कराए, जिन्हें उन्होंने पूर्ण श्रद्धा एवं समझपूर्वक स्वीकार किया।

संथारा ग्रहण करने के बाद से उनका संपूर्ण समय धार्मिक वातावरण, जप, ध्यान एवं आत्मचिंतन में व्यतीत हुआ। अंततः 1 अगस्त की प्रातः उनकी आत्म साधना पूर्ण हुई और उन्होंने शांतचित्त भाव से नश्वर शरीर का त्याग कर जैन दर्शन की भावना के अनुरूप अपने आध्यात्मिक पथ की ओर प्रस्थान किया।

उल्लेखनीय है कि पोखरना परिवार जैन धर्म के प्रति गहरी आस्था रखने वाला परिवार है तथा आचार्य श्री विजयराज जी महाराज के प्रति उनकी विशेष श्रद्धा एवं भक्ति रही है। लाड़कंवर पोखरना के संथारा पूर्ण होने पर समाजजनों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आत्मकल्याण की मंगलकामना की।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE