नीमच। भारतीय सेना में 22 वर्षों तक मातृभूमि की सेवा देने के बाद स्वदेश लौटे सैनिक दिनेश चंद्र गायरी का शनिवार को नीमच में भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया गया। रेलवे स्टेशन से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष गूंजते रहे। देशभक्ति के माहौल के बीच नागरिकों ने सैनिक का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
कोटा-मंदसौर ट्रेन से नीमच रेलवे स्टेशन पहुंचने पर परिजनों, समाजजनों, मित्रों एवं नागरिकों ने पुष्पमालाएं पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद खुले वाहन में उनकी सम्मान यात्रा निकाली गई। देशभक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और तिरंगों के साथ निकली यात्रा ने पूरे शहर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।
सम्मान यात्रा रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए उनके गृह ग्राम धामनिया लासूर के लिए रवाना हुई। रास्ते में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और राष्ट्र सेवा के लिए आभार व्यक्त किया।
दिनेश चंद्र गायरी ने अपने 22 वर्षीय सैन्य सेवाकाल में उधमपुर, संगरूर, सिक्किम, मेरठ, भुज, उरी और कोटा सहित देश के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दीं। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी तैनाती उरी सेक्टर में रही। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी सम्मानजनक घर वापसी को लोगों ने देशभक्ति और सैनिक सम्मान का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर दिनेश चंद्र गायरी ने कहा, ष्भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा। सेवानिवृत्ति के बाद भी तिरंगे, सेना और राष्ट्र के प्रति मेरा समर्पण जीवनभर बना रहेगा।ष् उनकी इस भावना का उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।