उज्जैन। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए उज्जैन सहित आसपास के जिलों के जो रेलवे स्टेशन उपयोग होंगे, उनके लिए मास्टर प्लान और क्राउड मैनेजमेंट प्लान बनेगा। इससे भीड़ को नियंत्रित तरीके से संभाला जा सकेगा। इसी के हिसाब से संबंधित स्टेशनों पर श्रद्धालुओं के लिए ट्रेनों की संख्या तय की जाएगी।
हाल ही में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए गए। श्रद्धालु जिन स्टेशनों से आएंगे, उनके लिए मास्टर प्लान और क्राउड मैनेजमेंट बनाने के निर्देश दिए हैं। स्टेशनों पर जितने ट्रैक्स उपलब्ध होंगे, उसी के मुताबिक ट्रेनों की संख्या और फेरे तय होंगे। हर स्टेशन के लिए भीड़ का अनुमान लगाया जाएगा। स्टेशनों के आसपास उपलब्ध जमीन जांची जाएगी ताकि तय हो सके कि कितने वाहनों को जाने की अनुमति होगी।
हर स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया जाएगा
उज्जैन जिले में 982 करोड़ रुपए की लागत से 27 कामों को सहमति दी
खरगोन में 110 करोड़ रुपए से देवी अहिल्या लोक निर्माण को भी मंजूरी
संवारेंगे शिप्रा के घाट- महाकुंभ को लेकर सरकार पवित्र शिप्रा नदी के दोनों और 15 -15 किमी पक्के घाट बनाने की योजना बना रही है। वर्तमान में मौजूद लगभग 9 किमी घाटों को सुधारने और सुंदर बनाने के लिए 88 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित हुई है। घाटों में सुरक्षा के लिए फिसलन रहित, मजबूत पत्थर लगेंगे। सिंहस्थ से जुड़ी इस उच्च-स्तरीय समीक्षा में उज्जैन जिले के लिए 982 करोड़ की लागत से कुल 27 कामों की सहमति मिली है।
डपिंग ग्राउंड की सफाई की योजना - उज्जैन नगर को साफ सुथरा और स्वच्छ बनाने पर विशेष फोकस है। इसके लिए नगर में एमआर 5 पर मौजूद डंपिंग साइट के सालों से पड़े हुए कचरे की सफाई की भी योजना है। 5.5 करोड़ से इसकी योजना बनी है। ये परियोजना भी स्वीकृत हो चुकी है।
पंचकोशी मार्ग का प्रस्ताव - पीडब्ल्यूडी द्वारा पंचकोशी मार्ग का 73 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया था। सीएस ने पूछा है कि सिंहस्थ के दौरान और उसके बाद इस मार्ग का क्या उपयोग होगा। यह भी पूछा गया है कि इस मार्ग के लिए क्या कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है। इन दोनों तथ्यों का परीक्षण कर दोबारा पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रस्ताव दिया जाएगा।
ओंकारेश्वर में झूला पुल बनेगा- ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर झूला पुल है। इसके अतिरिक्त 48 करोड़ की लागत से पीडब्ल्यूडी एक नया झूला पुल बनाएगा। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र के विकास की भी योजना प्रस्तावित है। खरगोन में 110 करोड़ की लागत से देवी अहिल्या लोक निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।