दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया शहर में मानसून की पहली ही बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी है। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। कई कॉलोनियों और मकानों में नालियों का गंदा पानी भर गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
नगरपालिका की लापरवाही का आलम यह है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद नालों की सफाई महज दिखावा बनकर रह गई। कागजों में भले ही सफाई अभियान पूरा दिखाया गया हो, लेकिन हकीकत यह है कि नालों की समय पर सफाई नहीं की गई, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
शहर के कई क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंच गया है। लोग घरों से निकल भी नहीं पा रहे हैं और बीमारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारी सिर्फ फोटो खिंचवाकर सफाई का दावा करते हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन अगली बारिश से पहले चेतेगा? या फिर पिछली साल की तरह इस बार भी जनता को ही भुगतना पड़ेगा इसका खामियाजा?