चित्तौड़गढ़। एकल अभियान एवं जोहार स्मृति संस्थान द्वारा विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग की इतिहास को लेकर विभिन्न मांगों पर जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। यह जानकारी देते हुए एकल अभियान के लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि चित्तौड़ दुर्ग राष्ट्रीय तीर्थ जैसा है तथा इसका वास्तविक उज्जवल पक्ष अभी तक जनता के समक्ष नहीं आया है। इसको लेकर एकल अभियान एवं जोहर स्मृति संस्थान द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक हेमंत जैन, जिला संघ चालक अनिरुद्ध सिंह भाटी, धर्मपाल गोयल, एकल अभियान के प्रहलाद प्रजापत, मनोज वैष्णव, बसंत गोयल, जितेंद्र त्रिपाठी,गोपाल कृष्ण दाधीच आदि के नेतृत्व में जिला कलेक्टर आलोक रंजन को उनके निजी आवास पर जाकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सोपा गया। जिसमें चित्तौड़ दुर्ग के वास्तविक इतिहास तथा स्मारकों के नाम को सम्मानजनक करने की मांग की गई। जैसे दुर्ग का नाम दुर्ग राज चित्तौड़, कुंभा महल का नाम महाराणा कुंभा महल, पद्मिनी महल का नाम महारानी पद्मिनी महल तथा मीरा मंदिर का नाम भक्तमती मीरा मंदिर आदि अन्य कहीं स्मारकों के नाम बदलने की मांग की गई, जिससे कि लोगों के मन में गौरव का भाव जागृत हो तथा इतिहास के प्रति जिज्ञासा बड़े ।
साथ ही दुर्ग पर चल रहे लाइट एंड साउंड कार्यक्रम में मुगलों की विजय जैसा दिखलाया जाता है जो कि वास्तव में नहीं है तथा महाराणा हमिर महाराणा प्रताप के जीवन के बारे में तथा चित्तौड़ के महाराणा के आर्किटेक्ट, संगीत कला, जल संरक्षण के स्रोतों का वर्णन इत्यादि नहीं है। अतः प्रधानमंत्री से यह निवेदन किया गया कि लाइट एंड साउंड की पुन समीक्षा कर इसमें चित्तौड़ के समग्र इतिहास को दर्शाने तथा साउंड के स्थान पर एक वीडियो के माध्यम से भी पर्यटकों को दिखाने की मांग की गई। साथ ही चित्तौड़ के आसपास के ऐतिहासिक स्थल जिनका की महत्व है वह आज भी पर्यटकों और युवा पीढ़ी के जानकारी में नहीं है जैसे पन्नाधाय का गांव पांडोली,गोरा बादल की छतरियां तथा चित्तौड़ की प्राचीन राजधानी नगरी इत्यादि का विकास एवं उन्हें टूरिज्म से जोड़ने की मांग की गई। साथ ही भोई खेड़ा स्थित पनोरमा के व्यवस्थित संचालन की मांग की गई।
दुर्ग पर विभिन्न जल स्तोत्र का संरक्षण स्वच्छता विभिन्न स्मारक जो जर्जर अवस्था में है उनका देखरेख की मांग की गई ।साथ ही कुछ अनाधिकृत गाइड चित्तौड़ का इतिहास बताते समय अपनी विकृत मानसिकता के कारण दुर्ग पर आने वाले पर्यटकों को अधिक भ्रमित करते हैं तथा उन्हें मुगलों को महान बताते हैं ऐसे अनाधिकृत गाइडों को हटाने तथा इस प्रकार के इतिहास को बताने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही दुर्ग पर हो रहे अतिक्रमण एवं अवैद्य निर्माण पर रोक व सक्रिय लपका गिरोह पर भी चिंता व्यक्त की गई।
इस प्रकार विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार तथा मुख्यमंत्री के नाम पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सोपा गया।ज्ञापन का वाचन धर्मपाल गोयल द्वारा किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में एकल अभियान के युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।