शाजापुर। ग्राम आरोलिया, थाना मोहन बड़ोदिया निवासी एलकारसिंह बागरी को अपने ताउजी नारायणसिंह बागरी की हत्या के मामले में न्यायालय ने आजीवन कारावास और 2,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाजापुर द्वारा दिनांक 07 जुलाई 2025 को सुनाया गया।
घटना का विवरण-
लोक अभियोजक महेन्द्रसिंह परमार के अनुसार, दिनांक 17 जून 2024 की रात 9.30 बजे आरोपी एलकारसिंह ने अपने ताउजी नारायणसिंह से आवास योजना को लेकर विवाद किया। नारायणसिंह को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुटीर स्वीकृत हुआ था, जिससे नाराज होकर आरोपी ने गाली-गलौच की और लाठी से सिर में वार कर दिया। हमले के बाद पड़ोसी मनोहरसिंह जब मदद के लिए आया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे वह पीछे हट गया।
घायल नारायणसिंह रातभर बेहोशी की हालत में घर के सामने पड़े रहे। अगले दिन सुबह पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उन्हें मोहन बड़ोदिया अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में इंदौर के एम.वाय. अस्पताल रेफर किया गया। 22 जून 2024 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस कार्रवाई व सजा-
थाना मोहन बड़ोदिया पुलिस ने आरोपी को गिरफ़्तार कर जेल भेजा। थाना प्रभारी भारत सिंह किरार द्वारा की गई विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया। साक्ष्यों व लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होकर अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 2,000 के अर्थदंड से दंडित किया। यह मामला पारिवारिक विवाद से उत्पन्न एक गंभीर अपराध का उदाहरण है, जिसमें न्यायालय ने कठोर सजा देकर स्पष्ट संदेश दिया है।