देवास। एक अनूठी श्रद्धांजलि देखने को मिली, जब ग्रामीणों ने एक मृत बंदर का पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया। इसके बाद भंडारे का आयोजन कर सैकड़ों श्रद्धालुओं को भोजन भी कराया गया।
घटना शहर के शंकरगढ़ की है, जहां एक मृत अवस्था में बंदर मिला। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली, उन्होंने इसे भगवान हनुमान का रूप मानकर पूजा-पाठ शुरू कर दिया। इसके बाद बंदर के शव को फूल-माला से सजाया गया और पूरे गांववासियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बंदर की अंत्येष्टि के बाद गांव में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने भाग लिया। कुछ ग्रामीणों ने इसे एक पावन क्षण बताया और कहा कि यह सिर्फ एक जानवर नहीं था, बल्कि हमारे लिए प्रभु का दूत था।
उन्होंने बताया कि “यह हमारी परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हम मानते हैं कि सभी जीवों में भगवान का वास होता है।
इस अनोखे आयोजन की खबर अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जहां लोग ग्रामीणों की आस्था और करुणा की सराहना कर रहे हैं।