उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा को पिछले माह शासन ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। वर्तमान में वे सप्ताह में तीन दिन (सोमवार से बुधवार) भोपाल में और दो दिन (गुरुवार-शुक्रवार) उज्जैन में रहते हैं। अवकाश बीच में आने पर कई बार पूरा सप्ताह वे उज्जैन नहीं पहुंच पाते।
इस व्यवस्था का सीधा असर छात्रों और कर्मचारियों के कार्यों पर पड़ रहा है। तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय गोस्वामी के अनुसार, कुलसचिव के हस्ताक्षर के बिना कई जरूरी काम अटके हुए हैं। इनमें छात्रों की स्कॉलरशिप से जुड़े चेक, कर्मचारियों के आर्थिक मामले, प्रशासनिक फाइलें, शासन को भेजी जाने वाली जानकारी और परीक्षा परिणामों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
हालांकि, डॉ. शर्मा अनुपस्थिति के दौरान उपकुलसचिव डॉ. डी.के. बग्गा को प्रभार सौंपते हैं, लेकिन वे आर्थिक और प्रशासनिक मामलों की फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करते। इससे कर्मचारियों और छात्रों की समस्याएं बढ़ रही हैं।