नीमच। प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर निकलर सामने आई है। लंबे समय से विवादों में घिरे नीमच नगर पालिका क्षेत्र के योजना क्रमांक 36 के ढिल्लन भूखंड मामले में अब बड़ा निर्णय लिया गया है। मध्य प्रदेश शासन ने इस विवादित भूखंड के नामांतरण को हरी झंडी दे दी है। शासन के उप सचिव आरके कार्तिकेय द्वारा नगर पालिका नीमच के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र जारी कर नामांतरण की कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

वर्षों से चल रहे विवाद पर लगा अंकुश-
शासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि योजना क्रमांक 36 के भूखंड क्रमांक 1049 का नामांतरण नगर पालिका अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 के नियम 20 की धारा 5 के तहत किया जाए। इस पत्र के जारी होते ही इस भूखंड को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद और शिकायतों की लंबी श्रृंखला समाप्त होती दिखाई दे रही है।
लगातार विवादों में रहा मामला-
यह ढिल्लन भूखंड का मामला पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं में बना हुआ था। स्थानीय स्तर से लेकर भोपाल तक अनेक शिकायतें दर्ज कराई गईं। पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने इस नामांतरण पर रोक लगाने की मांग की थी।

स्वाति चोपड़ा के अध्यक्ष बनने के बाद सुर्खियों में आया मामला-
मामला सबसे अधिक सुर्खियों में तब आया, जब नगर पालिका अध्यक्ष पद पर स्वाति चोपड़ा निर्वाचित हुईं। आरोप लगाए गए कि इस विवादित भूखंड में उनके उनके ससुर और भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष चोपड़ा साझेदार हैं। यही वजह रही कि मामले ने और तूल पकड़ा।

भूखंड में ये तीन साझेदारों का नाम-
सूत्रों के अनुसार इस भूखंड में तीन प्रमुख साझेदार बताए जाते हैं, इनमें डॉ. संदीप कोठारी, संचालक, डायग्नोसिस एंड नर्सिंग होम प्रालि नीमच, नपाध्यक्ष स्वाति चोपड़ा के ससुर संतोष चोपड़ा व पवन पारिक नीमच का नाम शामिल है। इन तीनों नामों के सामने आने के बाद विपक्ष ने लगातार सवाल उठाए और शासन तक शिकायतें पहुंचाई।
शासन का पत्र बना निर्णायक-
लगातार उठते विवादों और शिकायतों के बीच नगर पालिका द्वारा नामांतरण की फाइल शासन को भेजी गई थी। अब शासन द्वारा जारी पत्र में साफ कहा गया है कि नियमानुसार नामांतरण की कार्रवाई की जाए। इससे साफ है कि सभी शिकायतें और विवाद अब निष्प्रभावी हो गए हैं और नामांतरण की प्रक्रिया को मंजूरी मिल गई है।

स्थानीय राजनीति में नया मोड़-
इस भूखंड विवाद पर शासन की मुहर लगने के बाद अब स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां शासन के इस फैसले से भूखंड से जुड़े साझेदारों को राहत मिली है, वहीं विपक्ष ने इस निर्णय को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने कहा कि नपाध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने अपने ससुर संतोष चोपड़ा को फायदा पहुंचाने के लिए नगर पालिका को नुकसान पहुंचाया है। उच्च अधिकारियों से मिलीभगत कर नपाध्यक्ष नपा को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है। नीमच विधायक भी जमीनों की बंदरबाट को देखकर आंखें मूंदे बैठे हैं।
