चित्तौड़गढ़। सुबह-शाम जिस घर में धर्म ध्यान होता है वहां आनंद रहता है। महासती विद्यावती ने स्थानीय अरिहंत भवन में क्षमापना पर्व के अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि मान, माया, लोभ, राग, द्वेष को दूर करना है तभी तपस्या का लाभ है । जो गलती हो गई उसके लिए क्षमा याचना करना और पुनः एसी गलती नहीं होवे ऐसा ध्यान रखना। ऐसा ना हो कि क्षमा याचना करते जाएं और पुनः पुनः गलती करते जाए। क्षमा याचना का यह पर्व सुख शांति संतुष्टि प्रदान करता है। क्षमा याचना से वात्सल्य स्नेह का वातावरण बनता है। सेंथि संघ का चौमासा के दौरान प्रवचन आहार गोचरी आदि में रही कमियों के लिए क्षमा याचना करते हुए महासती ने सभी से धर्म ध्यान में अधिकतम समय देने का आग्रह किया। सभी ने तपस्या अपनी-अपनी क्षमता अनुसार की है और भी भाव बनाएं। अभी चतुर्मास में पूरा-पूरा लाभ उठाएं। वंदना हमें नहीं, संयम को वंदना होती है। प्रतिक्रमण में असातनाओ के लिए क्षमा याचना करते हैं। धर्म घर घर महके वह भावना रहती है। सुबह-शाम जिस घर धर्म ध्यान हो वहां आनंद रहता है। सद्भावना बढ़ती है। क्षमा भाव हर समय रहे। जीवों पर दया करुणा का भाव रहे। सभी महासतीयों की से भी क्षमा याचना करते हुए अरिहंत भगवन्तों, सिद्ध भगवन्तों, आचार्य भगवंतो , उपाध्याय भगवन्तों एवं सभी संत महासती वर्याओ से क्षमा याचना की। श्री संघ से भी क्षमा याचना की। श्री संघ की ओर से क्षमा याचना प्रस्तुत की। सेंथि संघ अध्यक्ष लक्ष्मी लाल चंडालिया, कन्हैयालाल रामपुरिया, साधुमार्गी संघ संरक्षक नवल सिंह मोदी, अध्यक्ष रोशन लोढ़ा , महामंत्री आदित्य सेठिया राष्ट्रीय मंत्री सोहन पोखरणा, अशोक नाहर, शांत क्रांति संघ अध्यक्ष सुरेश लोढ़ा, रमेश नागोरी, दिनेश ढाबरिया सत्येंद्र मेहता समता बहू मंडल, महिला मंडल की ओर से सुनीता सहलोत, दीपा पोरवाल सवाई माधोपुर, विमल कोठारी ने क्षमा याचना भाव, गीतिका प्रस्तुत की। सामूहिक पारणा के लाभार्थी बोरदीया परिवार ने सेवालाभ प्रदान करने हेतु आभार व्यक्त किया।