उज्जैन। शिप्रा नदी में कार गिरने से लापता हुए तीन पुलिसकर्मियों में से एक का शव रविवार सुबह मिल गया। उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा की डेडबॉडी स्पॉट से करीब 4 किलोमीटर दूर मिली। वहीं, एसआई मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है।

गुमशुदगी की जांच पर निकले थे तीनों पुलिसकर्मी
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि शनिवार को तीनों पुलिसकर्मी उज्जैन से चिंतामन क्षेत्र के लिए निकले थे। वे उन्हेल थाना इलाके से लापता हुई 14 वर्षीय लड़की के मामले की जांच करने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार पुल से अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी में गिर गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन रात में रुका, सुबह फिर शुरू
कार की तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमें बोट और ड्रोन की मदद से सर्चिंग कर रही हैं। रात डेढ़ बजे अंधेरा बढ़ जाने पर अभियान रोकना पड़ा था, जिसे रविवार सुबह 7 बजे दोबारा शुरू किया गया।

कॉन्स्टेबल आरती चला रही थीं कार
जानकारी के अनुसार, कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं। 41 वर्षीय आरती की शादी नहीं हुई थी और 6 माह पहले उनके भाई की मृत्यु हो गई थी।

तेज बहाव बना बाधा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार देर रात ब्रिज पर ड्यूटी कर रहे एएसआई लोकेश सिंह तोमर ने बताया कि सफेद रंग की कार जैसे ही पुल पर पहुंची, असंतुलित होकर रेलिंग न होने के कारण सीधे नदी में जा गिरी। शिप्रा में उस समय पानी का बहाव काफी तेज था, जिससे कार कुछ ही सेकंड में डूब गई।

सूचना पर एसपी प्रदीप शर्मा, निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त संतोष टैगोर सहित नगर निगम, एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू शुरू किया। एसपी शर्मा ने बताया कि कार पुल के बाईं ओर से नीचे गिरी थी। नदी पुल से करीब 12 फीट नीचे है और तेज बहाव के कारण सर्चिंग में कठिनाई आ रही है।
