नीमच। म.प्र.शासन द्वारा वर्ष 2025-2026 में सोयाबीन फसल के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। शासन के निर्देशानुसार जिले में आज समस्त कृषि मंडी ( नीमच मनासा एवं जावद) में व्यापारी एवं कृषकों की उपस्थिति में सोयाबीन खरीदी कार्य प्रारंभ हो गया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशन में एसडीएम नीमच संजीव साहू, एसडीएम जावद प्रीति संघवी ,एसडीएम मनासा किरण आंजना ने संबंधित कृषि उपज मंडी पहुंचकर भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन खरीदी कार्य का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये। मनासा एवं नीमच मंडी में भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों द्वारा अपनी सोयाबीन उपज शुक्रवार से विक्रय के लिए लाना प्रारंभ कर दी है। उल्लेखनीय है,कि सोयाबीन खरीफ भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन खरीदी के संबंध मंडी सचिवों को निर्देशित किया गया है। साथ ही मंडी प्रशासक एवं एसडीएम सीधे योजना की निगरानी कर रहे हैं। किसानो की सुविधा के लिए,और आवश्यक व्यवस्थाओं प्रबंधों का संबंधित एसडीएम एवं तहसीलदार मंडी परिसरों का निरीक्षण कर रहे है। ज्ञातव्य है कि सोयाबीन खरीफ भावांतर भुगतान योजना के लिए किसानों के पंजीयन 3 अक्टूबर से प्रारंभ किए गए थे । जिसके तारतम्य में सोयाबीन फसल खरीदी का कार्य 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक समस्त कृषि उपज मंडी (नीमच,जावद, मनासा ) पर प्रारंभ किया जा चुका है। भावांतर योजना एक मूल्य कमी भुगतान योजना (Price Deficit Finance Scheme) है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना और बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से बचाना है। यदि किसान अपनी सोयाबीन की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price-MSP) से कम कीमत पर बेचता है, तो सरकार एमएसपी और विकय मूल्य/मॉडल मूल्य के अंतर की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भुगतान करेगी।