नीमच। नीमच-जावद मार्ग पर शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में ज्ञानोदय आईटीआई कॉलेज के शिक्षक दशरथ सिंह (42 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि उनका 10 वर्षीय बेटा हर्षित गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में हर्षित के दोनों पैर काटने पड़े, वहीं पत्नी ललिता बाई (35 वर्ष) और 6 वर्षीय बेटी जया भी गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा अठाना निवासी भोपाल सिंह (44 वर्ष) भी घायल हुए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) मनोज यादव अपनी बोलेरो कार (एचआर 99 एबीएस (टैम्प) 1491) से तेज रफ्तार में जावद की ओर जा रहा था। उसी दौरान उसने कई बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के वक्त एएसआई मनोज यादव नशे की हालत में था। पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में लेकर सस्पेंड कर दिया है और एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, मुआवजे की मांग-
मृतक शिक्षक दशरथ के परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए जिला चिकित्सालय में शव लेने से इनकार कर धरना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर सीएसपी किरण चौहान और थाना प्रभारी विकास पटेल मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश की। कुछ देर बाद परिजन धरने से उठे, लेकिन फिर भरभड़िया फंटा (महू-नसीराबाद हाईवे) पर पहुंचकर दोबारा चक्काजाम कर दिया। जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिजनों की मांग है कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

कार से शराब की बोतलें बरामद-
मृतक के साले नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि दशरथ कॉलेज में ड्यूटी के बाद घर लौट रहे थे, तभी एएसआई मनोज यादव की बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद पुलिस ने बोलेरो से शराब की बोतलें भी बरामद की हैं।

पुलिसकर्मी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग-
हादसे में दशरथ का एक पैर मौके पर ही कट गया था, जबकि 10 वर्षीय हर्षित को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों को दोनों पैर काटने पड़े। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
