झाबुआ। जैन धर्म के क्रियोद्धारक दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वर महाराज की 200वीं जन्म शताब्दी के अवसर पर उनकी जीवनगाथा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी गुरुवार को थांदला में आयोजित की गई। यह प्रदर्शनी आदिनाथ भगवान के मंदिर परिसर स्थित पौषधशाला में लगाई गई।
421 चित्रों की अनोखी प्रदर्शनी लगाई
यह प्रदर्शनी ‘अभिनंदन रथ यात्रा’ का हिस्सा है, जो परम् पूज्य मुनिराज श्री लाभेशविजयजी म.सा. की प्रेरणा से पूरे देश में भ्रमण कर रही है। रथ संचालक राजू नाणेशा ने बताया कि दुनिया की विशिष्ट कलाकृतियों से तैयार 421 चित्रों के माध्यम से दादा गुरुदेव के जीवन, तप, त्याग और योगदान को दर्शाया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं सहित अधिक से अधिक लोगों को उनके प्रेरक जीवन से परिचित कराना है।
देशभर में भ्रमण कर रही रथ यात्रा
‘अभिनंदन रथ यात्रा’ जनवरी में कर्नाटक से शुरू हुई थी। अब तक यह आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में पहुंच चुकी है। नाणेशा ने बताया कि रथ 26 और 27 दिसंबर को गुरु सप्तमी के अवसर पर मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचेगा, जहां विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। थांदला के बाद रथ कुशलगढ़ और दाहोद होते हुए मोहनखेड़ा की ओर रवाना होगा।
थांदला में हुआ भव्य स्वागत
थांदला में स्थानीय जैन समाज ने बैंड-बाजों के साथ रथ का भव्य स्वागत किया। दादा गुरुदेव के भक्तों ने मुख्य मार्गों से एक विशाल शोभायात्रा निकाली। इस दौरान जयकारों, नृत्य और भक्ति उत्साह से पूरा नगर गूंज उठा। शोभायात्रा का समापन आदिनाथ जिनालय पर हुआ।
जैन समाज व अन्य समुदाय के लोगों ने देखी प्रदर्शनी
चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ संघ अध्यक्ष कमलेश जैन (दायजी), स्थानकवासी जैन संघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया, सचिव हितेश शाह, प्रवक्ता पवन नाहर सहित समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने किया। दिनभर चली इस प्रदर्शनी को निहारने जैन समाज के साथ-साथ अन्य समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे।