नीमच। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला नीमच (म.प्र.) द्वारा संचालित 100 दिवसीय बाल विवाह रोकथाम जनजागरूकता अभियान के तहत बघाना क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना नीमच शहरी से परियोजना अधिकारी दीपिका नमदेव, एकता प्रेमी, रश्मि बामनिया तथा वन स्टॉप सेंटर से पूजा शर्मा, नुसरत खान, चंदा एवं जन-साहस संस्था से मंताशा बी और शुभम यादव शामिल रहे।
टीम ने क्षेत्र में घर-घर एवं सामुदायिक स्तर पर जाकर बाल विवाह के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों एवं किशोर-किशोरियों को बाल विवाह न करने और रोकने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बाल विवाह रोकना समय की आवश्यकता है, क्योंकि यह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह सामाजिक विकास में बाधा उत्पन्न करता है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आगामी दिनों में भी इसी प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प व्यक्त किया।