सोनकच्छ। नगर के प्रगति नगर स्थित एक सोनोग्राफी सेंटर की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां कराई गई सोनोग्राफी में एक युवक को तीन गंभीर बीमारियां बताई गईं, जबकि छह दिन बाद देवास में कराई गई जांच में युवक पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 दिसंबर को कनिष्क पिता राजेश दुबे ने पेट दर्द की शिकायत पर सोनकच्छ डायग्नेस्टिक सेंटर में सोनोग्राफी कराई थी। सेंटर पर मौजूद एमडी रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार टेकाम ने रिपोर्ट में युवक को पथरी, अपेंडिक्स और हर्निया जैसी बीमारियां बताईं। रिपोर्ट पर संदेह होने पर युवक ने छह दिन बाद देवास के एडवांस बापना मेडिस्कैन सेंटर में पुनः सोनोग्राफी कराई, जहां किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं पाई गई।
देवास की रिपोर्ट लेकर जब युवक सोनकच्छ सेंटर पहुंचा तो डॉक्टर ने रिपोर्ट मानने से इनकार कर दिया और देवास की जांच को गलत बताते हुए बहस करने लगे। इसके बाद युवक ने पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी।
मीडिया के हस्तक्षेप के बाद एसडीएम प्रिया चंद्रावत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीएमओ राकेश कुमार को जांच टीम गठित कर सोनोग्राफी सेंटर भेजने के निर्देश दिए। टीम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आदर्श नानेरिया और लैब टेक्नीशियन विवेक वीरपरा शामिल थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया, जिसमें दोनों रिपोर्टों में भिन्नता पाई गई है।
डॉ. आदर्श नानेरिया ने बताया कि मामले की जानकारी एसडीएम को दे दी गई है और उनके निर्देश पर प्रतिवेदन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा जाएगा। यह रिपोर्ट सीएमएचओ को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल पूरे मामले ने सोनकच्छ में स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।