खरगोन। जिले के कसरावद नगर के मध्य स्थित छोटा नाका ( इंदौर रोड )के पास बना नीला तालाब आज प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। लगभग 5 वर्ष पूर्व इस तालाब के सौंदर्यीकरण एवं पार्क निर्माण के नाम पर 1 करोड़ 69 लाख 12 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी, लेकिन आज स्थिति यह है कि न तो पार्क अस्तित्व में आ पाया और न ही तालाब की नियमित साफ-सफाई हो रही है। करोड़ों की योजना अब बदहाली में कराह रही है। तालाब परिसर में जगह-जगह शराब की बोतलें पड़ी रहती हैं, वहीं आसपास के साइड हाइट क्षेत्र के कुछ निवासी लगातार यहां कचरा और गंदगी डाल रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि नगर की सुंदरता और नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब जनता के टैक्स का इतना बड़ा हिस्सा खर्च किया गया, तो उसकी निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है?
यह मुद्दा कई बार मीडिया में प्रकाशित होने के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी। जब इस संबंध में नगर परिषद के सीएमओ कमलेश गोले से चर्चा की गई, तो उन्होंने एक बार फिर आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही साफ-सफाई करवाई जाएगी और पार्क को भी चालू किया जाएगा। लेकिन वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो यह करोड़ों की योजना पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। अब सवाल यह नहीं है कि काम होगा या नहीं, बल्कि यह है कि प्रशासन आखिर कब जवाबदेही निभाएगा।