नीमच। पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने नीमच जिले की शासकीय स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वर्षों पूर्व स्वीकृत योजनाओं का आज तक धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
डॉ. जाजू ने अपने बयान में कहा कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार द्वारा नीमच जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी गई थी, जिसका उद्देश्य जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इससे पहले जिला चिकित्सालय में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की स्वीकृति भी दी गई थी। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति के बाद क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के लिए राशि आवंटित की गई तथा नर्सिंग कॉलेज को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि छह वर्षों बाद भी मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं का अपेक्षित लाभ आम जनता को क्यों नहीं मिल रहा? आज भी जिला चिकित्सालय एक रेफरल अस्पताल की भूमिका में ही सीमित है, जबकि उसे उन्नत चिकित्सा सेवाओं का केंद्र बनना था।
डॉ. जाजू ने यह भी कहा कि जिला चिकित्सालय में वर्षों से डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा स्टाफ की कमी बनी हुई है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि जनता ने उन्हें लगातार विश्वास और समर्थन दिया, लेकिन वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए।
पूर्व विधायक ने कहा कि तथाकथित विकास का दिखावा कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है, जबकि वास्तविक मुद्दोंकृविशेषकर स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयकृपर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंत में उन्होंने कहा कि जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अपनी भूमिका ईमानदारी से निभानी होगी।