भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 21 जनवरी को स्विट्जरलैंड के प्रसिद्ध दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में शामिल हो रहे हैं। यह वैश्विक मंच जहां दुनिया के शीर्ष नेता, उद्योगपति और नीति निर्माता एकत्र होते हैं, वहाँ मुख्यमंत्री प्रदेश की मजबूत छवि पेश कर रहे हैं। डॉ. मोहन यादव वैश्विक निवेशकों को मध्य प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, स्पष्ट नीतियों और दीर्घकालिक विकास विजन के बारे में विस्तार से बताएंगे।
खास तौर पर औद्योगिक निवेश, उन्नत तकनीक, पर्यटन, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और रक्षा उत्पादन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सेक्टर्स में अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू साइन होने की संभावना है। मुख्यमंत्री उद्योग जगत के साथ राउंड टेबल चर्चाएं, नेटवर्किंग मीटिंग्स और वैश्विक राजनीतिक प्रतिनिधियों से मुलाकातें करेंगे। सरकार का मानना है कि यह दावोस दौरा मध्य प्रदेश को निवेश, तकनीक और वैश्विक सहयोग के जरिए भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन के नए द्वार खुलेंगे।
वित्त विभाग के अफसरों की फिजूलखर्ची पर रोक
मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने अफसरों की फिजूलखर्ची पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विधानसभा में फरवरी में प्रस्तावित बजट सत्र की तैयारियों के बीच वित्त विभाग ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि चालू वित्त वर्ष की शेष तिमाही यानी 31 मार्च से पहले नई गाड़ियां खरीदने, कार्यालयों में एयर कंडीशनर लगवाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या फर्नीचर की खरीद के लिए किसी भी तरह का बजट आवंटन नहीं किया जाएगा।
वित्त विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को लिखित निर्देश दिए हैं कि तीसरे अनुपूरक बजट में इस तरह के किसी भी प्रस्ताव को शामिल न किया जाए।यह कदम राज्य सरकार की ओर से वित्तीय संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने और अनावश्यक खर्चों को रोकने की दिशा में उठाया गया है। इससे बजट संसाधनों को विकास कार्यों, कल्याण योजनाओं और आवश्यक क्षेत्रों में बेहतर तरीके से लगाया जा सकेगा।विधानसभा सत्र में पेश होने वाले तीसरे अनुपूरक बजट में इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
किसानों को ई टोकन से मिलेगा खाद
मध्य प्रदेश सरकार ने खाद वितरण को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ई-टोकन व्यवस्था शुरू कर दी है। अब किसानों को खाद की दुकानों पर घंटों लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।राज्य के कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ से ज्यादा किसानों की पूरी डिटेल्स दर्ज कर ली हैं दृ जिसमें उनकी खेती की भूमि का रकबा, बोई जाने वाली फसलें और जरूरी खाद की अनुमानित मात्रा शामिल है। प्रक्रिया बहुत आसान हैरू किसान पोर्टल पर आधार नंबर से लॉगिन करेंगे वेरिफिकेशन से)।भूमि और फसल डिटेल्स ऑटो दिखेंगी।
आईसीएआर की गाइडलाइंस के अनुसार रेकमेंडेड खाद का डोज चुन सकते हैं। फिर सरकारी सहकारी सोसाइटी या प्राइवेट रिटेलर में से अपनी पसंद का विक्रेता चुनें। बुकिंग पूरी होने पर ई-टोकन (कोड जैसा) जनरेट हो जाएगा। इस ई-टोकन को लेकर चुने गए रिटेलर के पास जाकर खाद आसानी से उठा सकते हैं। सरकार आगे होम डिलीवरी की भी तैयारी कर रही है, ताकि खाद सीधे किसान के घर पहुंचे। यह सिस्टम कालाबाजारी रोकने, समय बचाने और पारदर्शिता बढ़ाने में मददगार साबित होगा।