नीमच। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के अंतर्गत देशभर के लगभग 81 लाख पेंशनर्स ने आगामी संसद के बजट सत्र में न्यूनतम ₹7500 प्रतिमाह पेंशन और महंगाई भत्ता घोषित किए जाने की पुरजोर मांग की है। इस संबंध में EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की ओर से नीमच कलेक्टर कार्यालय पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013 में गठित कोश्यारी समिति की सिफारिशें और राज्यसभा याचिका संख्या-147 अब तक लागू नहीं की गई हैं। समिति का कहना है कि संसद में समय-समय पर EPS-95 पेंशन फंड को लेकर भ्रामक जानकारी दी गई, जबकि EPFO की वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार फंड की स्थापना 16 नवंबर 1995 से अब तक नकदी प्रवाह की कोई समस्या नहीं रही है।
समिति ने बताया कि जनवरी 1996 में श्रम मंत्रालय द्वारा प्रकाशित विज्ञापन में सेवा अवधि के अनुसार पेंशन राशि स्पष्ट रूप से दर्शाई गई थी, लेकिन वह राशि आज तक पेंशनर्स को नहीं मिली। अधिकांश पेंशनर्स ने 30 वर्ष से अधिक सेवा दी है और सेवा काल में ₹12 लाख से अधिक अंशदान किया, इसके बावजूद उन्हें वर्तमान महंगाई के अनुरूप अत्यंत कम पेंशन मिल रही है।
राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार से सामाजिक सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करते हुए EPS-95 पेंशनर्स को सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 20, 21 और 22 जनवरी 2026 को उपवास तथा 20 से 23 जनवरी तक देशभर में EPFO कार्यालयों और जिला कलेक्टर कार्यालयों पर शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।
EPS-95 पेंशनर्स को उम्मीद है कि आगामी बजट सत्र में सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर ठोस और न्यायसंगत निर्णय लेगी।