मंदसौर। बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन गंभीर अपराध है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि बाल विवाह कराने अथवा उसमें किसी भी प्रकार से सहयोग करने पर दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंडित, मौलवी, टेंट हाउस संचालक, विवाह वाटिका, कैटरिंग सहित अन्य सेवा प्रदाता वर-वधू की आयु का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से जांचें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को बाल विवाह की आशंका हो तो तुरंत पुलिस या महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर संबंधित व्यक्ति को सह-अपराधी माना जाएगा और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह की रोकथाम में सहयोग करें और समाज को इस कुप्रथा से मुक्त कराने में अपनी भूमिका निभाएं।