शाजापुर। बुधवार को अल्प प्रवास पर शाजापुर पहुंचे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार पानी बांट रही है और लोग मर रहे हैं। वर्मा ने कहा कि “अब तक जहरीली शराब या जहरीली दवा से मौत की बात सुनी थी, लेकिन पानी पीने से मौत होना शासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। महापौर, विधायक, सांसद और सरकारकृसब भाजपा के होने के बावजूद हालात बदतर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है और ऐसी सरकार को जनता को हटाना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दो बार इंदौर गए, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा नहीं किया। वहीं विधायक कैलाश विजयवर्गीय को लेकर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया।
एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
वर्मा ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह एक “साजिश” के तहत चल रही प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से गरीब, दलित और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सतर्क हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
भ्रष्टाचार और धर्म के मुद्दे पर सरकार पर हमला
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां भ्रष्टाचार बढ़ा है। “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” के नारे पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अब स्थिति इसके विपरीत हो चुकी है।
धार्मिक मुद्दों पर बोलते हुए वर्मा ने कहा कि देश में हो रहे तथाकथित हिंदू सम्मेलन और कुछ धर्मगुरुओं की गतिविधियां सनातन परंपरा के विपरीत हैं। उन्होंने शंकराचार्य से जुड़े कथित घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्मगुरुओं के साथ हो रहा व्यवहार चिंताजनक है और समाज को इस पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।