छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की भूगर्भशास्त्र अध्ययन शाला द्वारा 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन कुलगुरु राकेश कुशवाह के संरक्षण में एवं कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। यह एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पी के जैन के निर्देशन एवं नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसके आयोजक सेडमैप रहे। इस दौरान विद्यार्थियों ने भीमकुंड पहुंचकर उससे जुड़े भूवैज्ञानिक तथ्यों को समझाया। वहीं बाजना व बक्सवाहा के बीच स्थित रोड कटाव में दिख रही भूवैज्ञानिक संरचनाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। तत्पश्चात् विद्यार्थी डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर स्थित व्यवहारिक भू-विज्ञान विभाग भ्रमण करने पहुंचे। शैक्षणिक भ्रमण दल का स्वागत प्रोफेसर आर के रावत एवं प्रोफेसर ए के सिंह ने किया। जहां विद्यार्थियों को विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए के सिंह के निर्देशन व मार्गदर्शन में प्रोफेसर डब्ल्यू डी वेस्ट जियोलॉजिकल म्यूजियम, फोटो जियोलॉजी प्रयोगशाला, पेट्रोलॉजी प्रयोगशाला, अयस्क प्रयोगशाला व सूक्ष्म जीवाश्म विज्ञान प्रयोगशाला का भ्रमण कराने के साथ ही, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए के सिंह द्वारा संक्षिप्त व्याख्यान के मध्यम से विभाग के इतिहास, उन्नति और किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराते हुए, भूविज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों को कैरियर बनाने की संभावनाओं की भी जानकारी दी गई। इस दौरान म्यूजियम में रखे विभिन्न प्रकार के शैलों, अयस्कों व जीवाश्मों इत्यादि के बारे में समझाया गया, जिसमें पानी में तैरता प्यूमिस पत्थर और प्रतिदीप्ति घटना के कारण चमकते और रंग बदलने पत्थर, विद्यार्थियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में मौजूद उपकरणों व उनके प्रयोग करने के तरीकों के बारे में विस्तार से भी बताया गया। इस दौरान विभाग के डॉ गौरव कुमार सिंह, डॉ राजीव खालको, डॉ नरेन्द्र कुमार पटेल व शोध छात्र भी मौजूद रहे। अंत में विद्यार्थी विश्वविद्यालय स्थित जवाहरलाल नेहरू केन्द्रीय ग्रन्थालय भ्रमण करने पहुंचे। जहां उन्होंने ग्रन्थालय की कार्यप्रणाली को समझने के साथ ही, वहां बड़ी संख्या में मौजूद विभिन्न किताबों को देखा।
वहीं इस शैक्षणिक भ्रमण में शामिल विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए, इमरान सिद्दीकी ने भू-विज्ञान के गहन अध्ययन के लिए उपकरणों व उनकी समझ होने को अत्यंत जरूरी, चाहना पटेल ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक व राम अवतार पटेल ने फील्ड वर्क व बड़े भूवैज्ञानिक संग्रहालय को भू-विज्ञान के लिए अति महत्वपूर्ण बताया। इस शैक्षणिक भ्रमण में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पी के जैन, अतिथि विद्वान मुमताज जहां मंसूरी, आशिया बानो, आशी जैन, गुट्टी लाल कुशवाहा सहित शोध छात्र व 40 स्नातक व स्नातकोत्तर के विद्यार्थी शामिल रहे।