BREAKING NEWS
NEWS : जोगणिया माताजी धाम पर स्वीप गतिविधियों के.. <<     NEWS : सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की.. <<     KHABAR : शामगढ़ में बच्चों के अधिकारों की गूंज,.. <<     BIG NEWS : दीपावली से पहले कलेक्टर डॉ. योगेश.. <<     KHABAR : आगामी त्यौहारों/पर्वाे के दौरान कानून.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : गंभीरी नदी के पावन तट पर सजेगा भक्ति और.. <<     KHABAR : पेंसिल पैकिंग बिजनेस के नाम पर 33 हजार की.. <<     BIG NEWS : गांधी सागर में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक.. <<     KHABAR : खाद्य पदार्थों की शुद्धता से लेकर शहरों.. <<     BIG REPORT : नीमच कलेक्ट्रेट में लगी फरियादियों की.. <<     KHABAR : रूप चतुर्दशी से गर्म जल से स्नान करेंगे.. <<     KHABAR : नरसिंहपुर में मिड-डे मील खाने के बाद.. <<     KHABAR : आज पानी बचाने की तैयारी, कल मिलेगी राहत,.. <<     REPORT : वर्षों से श्मशान जाने के रास्ते पर उलझे.. <<     NEWS : जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला पुलिस.. <<     शाजापुर में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 11, 2026, 4:51 pm
BIG NEWS : जमीन दो या न्याय दो- प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर से टूटा किसान परिवार, बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर लेकर गांधी चौराहे पर दिया धरना, बोले- घर गिरवी रख दिया, अब जमीन भी छिन गई, पढ़े रवि पोरवाल की खबर 

Share On:-

मंदसौर। गरोठ तहसील के ग्राम रामनगर निवासी एक परिवार अपनी पैतृक कृषि भूमि पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में शहर के गांधी चौराहे पर धरने पर बैठ गया है। परिवार का आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर रखा है। प्रशासनिक स्तर पर कई बार गुहार लगाने के बावजूद न्याय नहीं मिलने से आहत परिवार डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लेकर धरने पर बैठा और न्याय की मांग की।

धरने पर बैठे कैलाश मेघवाल ने बताया कि खसरा नंबर 66/23 की भूमि पहले उनके पिता स्वर्गीय मांगीलाल मेघवाल के नाम दर्ज थी। उनके पिता वर्षों तक उक्त भूमि पर खेती करते रहे थे, जिसका उल्लेख राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। इसी भूमि के आधार पर उन्होंने बैंक से कृषि ऋण भी लिया था। संबंधित दस्तावेज और ट्रेस मैप उनके पास उपलब्ध हैं।

दबंगों पर कब्जे का आरोप-
कैलाश का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया। उनके अनुसार, जब उनके पिता जमीन पर जाने का प्रयास करते थे तो उन्हें धमकियां दी जाती थीं। परिवार का कहना है कि करीब सात-आठ वर्ष पूर्व कुछ लोगों ने विवादित भूमि पर संतरे का बगीचा लगाकर खेती शुरू कर दी थी।

सीमांकन के बाद भी नहीं मिला कब्जा-
कैलाश ने बताया कि उन्होंने भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। सीमांकन के दौरान संबंधित भूमि की पहचान की गई, जिसके बाद कब्जा दिलाने के लिए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई। हालांकि, लंबे समय तक सुनवाई चलती रही और अंतिम चरण में सीमांकन में त्रुटि बताते हुए पुनः जांच के आदेश जारी कर दिए गए। परिवार का आरोप है कि उनकी आपत्तियों और पक्ष को सुने बिना आदेश जारी किया गया। बाद में पुनः मौके का निरीक्षण और पंचनामा भी तैयार किया गया, लेकिन अब तक कब्जा नहीं दिलाया गया।

वैकल्पिक भूमि लेने से किया इनकार-
पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रशासन द्वारा उन्हें दूसरी भूमि देने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर अपनी मूल पैतृक भूमि वापस दिलाने की मांग की है।

जनसुनवाई में भी लगा चुके हैं गुहार-
कैलाश ने बताया कि वे कई बार जनसुनवाई और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि जमीन के लिए संघर्ष करते-करते परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो चुका है।

तहसीलदार ने क्या कहा-
इस संबंध में गरोठ तहसीलदार अर्जुन भदौरिया ने बताया कि मामला भूमि विवाद से जुड़ा है। जिस सीमांकन के आधार पर सुनवाई चल रही थी, उसकी अपील एसडीओ राजस्व न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी गई है। वरिष्ठ न्यायालय से जो भी आदेश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE