जबलपुर। जिला प्रशासन और नगर निगम ने वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद करीब 25 हजार वर्गफीट बेशकीमती जमीन को सील कर दिया है। राइट टाउन स्थित इस संपत्ति पर नोटिस चस्पा कर घर और आसपास की प्रॉपर्टी को भी सील किया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई में डॉ. श्रीवास्तव के भवन के साथ-साथ डॉक्टर जैन दंपति को दी गई प्रॉपर्टी भी शामिल है। नगर निगम का कहना है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इस जमीन को बिना अनुमति गिफ्ट किया गया था, जो नियमों के खिलाफ है।
सोमवार देर रात कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को आधारताल एसडीएम कोर्ट में तय की गई है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का रविवार शाम निधन हो गया था। सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार गौरी घाट में किया गया। उनकी छोटी बहन शांति मिश्रा और गायत्री परिवार के एक सदस्य ने मुखाग्नि दी।
डॉ. श्रीवास्तव की प्रॉपर्टी को लेकर कई पार्टियों ने दावे किए हैं। गायत्री मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि डॉक्टर अपनी पूरी प्रॉपर्टी ट्रस्ट को देना चाहती थीं। वहीं डॉ. सुमित जैन का दावा है कि 2 जनवरी को उनके परिवार को मेमोरियल हॉस्पिटल बनाने के लिए 11,000 स्क्वायर फीट जमीन दान में दी गई थी।
आईएमए के सदस्यों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की खराब शारीरिक और मानसिक सेहत के बावजूद उनसे रजिस्ट्री और डोनेशन डीड पर साइन करवाए गए। डॉ. सुमित जैन, उनकी पत्नी प्राची जैन और दूसरों के खिलाफ प्रॉपर्टी हड़पने का केस दर्ज किया गया है।
डॉ. श्रीवास्तव के पति और बेटे का पहले ही निधन हो चुका है। दिसंबर 2025 में पति के गुजरने के बाद वे अकेली रह रही थीं।