बड़वानी। जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में निजी कॉलेजों की कथित अनियमितताओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। छात्र प्रतिनिधि बादल गिरासे के नेतृत्व में यह आवेदन दिया गया।
ज्ञापन में विशेष रूप से साईं इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सहित जिले के अन्य निजी महाविद्यालयों में नियमों की अनदेखी कर कोर्स संचालन, मनमानी फीस वसूली और छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायत की गई है।
छात्रों ने बताया कि बड़वानी आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां के अधिकांश छात्र-छात्राएं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं। आरोप है कि कुछ निजी कॉलेजों में आवश्यक आधारभूत संरचना, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और योग्य फैकल्टी के बिना ही विभिन्न कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि एक संबंधित कॉलेज प्रबंधन ने 7-8 छात्रों को बिना किसी प्रत्यक्ष त्रुटि के परीक्षा से वंचित कर दिया। इस संबंध में चर्चा करने पर प्रबंधन द्वारा असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया गया है।
इसके अलावा, प्राइड कॉलेज में छोटे-छोटे शैक्षणिक कार्यों और दस्तावेजों के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने की शिकायत की गई है। ज्ञापन में श्साईं कॉलेजश् नाम से संचालित विभिन्न संस्थानों की मान्यता और संरचना की समग्र जांच की मांग की गई है, ताकि छात्रों और अभिभावकों में व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
ज्ञापन में जिले के सभी निजी कॉलेजों की संयुक्त जिला स्तरीय जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।