पीथमपुर। दिल्ली-एनसीआर में वेतन वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी को लेकर हुए फैक्टरी कर्मियों के आंदोलन के बाद अब इसका असर मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में भी देखने को मिल रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-3 स्थित मदरसन कंपनी यूनिट-1 के बाहर करीब 500 महिला एवं पुरुष कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जहां कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर आर्थिक शोषण और गलत तरीके से नौकरी से निकालने के गंभीर आरोप लगाए।
कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी रश्मि ने बताया कि यहां काम के घंटे तय नहीं हैं और कर्मचारियों से 8 घंटे से अधिक काम कराया जाता है, लेकिन उसके अनुरूप वेतन नहीं दिया जाता। बढ़ती महंगाई के बीच कम वेतन में जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि हाल ही में हड़ताल और विरोध प्रदर्शन में शामिल कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में निकाले गए साथियों की तत्काल बहाली, वेतन वृद्धि, कार्य घंटे निर्धारित करना और बेहतर कार्य परिस्थितियों की व्यवस्था शामिल है। वहीं महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी में मासिक धर्म अवकाश और मेडिकल इमरजेंसी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
कंपनी गेट पर लगातार नारेबाजी जारी है, जबकि पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।