नीमच। भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती के अवसर पर नीमच में विभिन्न राजनीतिक एवं समाजसेवी संगठनों द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सुखलाल पंवार के मार्गदर्शन में कार्यकर्ता शोरूम चौराहा स्थित अंबेडकर सर्किल पहुंचे, जहां बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर “जय भीम”, “बाबा साहब अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष और उनके महान कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने शिक्षा को अपना हथियार बनाकर सामाजिक समानता, वंचितों के अधिकार और भारतीय संविधान के निर्माण के लिए आजीवन संघर्ष किया। कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत और जातिगत भेदभाव के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने न केवल संविधान का निर्माण किया, बल्कि दलित, शोषित और महिलाओं के भीतर आत्मसम्मान की भावना भी जागृत की। उनके योगदान को याद करते हुए सभी ने उन्हें शत-शत नमन किया।