नीमच। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों ने इस वर्ष नीमच जिले को गौरव से भर दिया है। शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले ने न केवल उच्च सफलता प्रतिशत दर्ज किया, बल्कि प्रदेश की मेरिट सूची में भी अपने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का परचम लहराया। मेहनत, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समन्वय ने नीमच को प्रदेश के अग्रणी जिलों में स्थापित कर दिया है।
नीमच ने प्रदेश में 10 वां स्थान प्राप्त किया-
इस वर्ष मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की कक्षा 10वीं में जिले का परिणाम 83.40 प्रतिशत रहा, जिससे नीमच ने प्रदेश में 10वां स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 12वीं में 87.36 प्रतिशत परिणाम के साथ जिले ने प्रदेश में 7वां स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण दिया।
मेरिट सूची में चमके नीमच के सितारे-
सांदीपनी सीएम राइज विद्यालय की छात्रा प्रियांशी राठौर पिता गणपत राठौर ने 10वीं में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश मेरिट सूची में 5वां स्थान हासिल किया। किसान परिवार से आने वाली प्रियांशी की यह सफलता संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने सभी विषयों में विशेष योग्यता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
छात्र प्रमोद ने 12 वीं 96.6 प्रतिशत अंक किए अर्जित-
वहीं उत्कृष्ट विद्यालय के कॉमर्स संकाय के छात्र प्रमोद पिता सीताराम ने 12वीं में 96.6 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश मेरिट में 8वां स्थान प्राप्त किया। जबकि विजडम हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा मंतशा गौरी ने 10वीं में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल किया।
अन्य विद्यार्थियों ने भी बढ़ाया जिले का गौरव
इसके अलावा उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा जया भील ने 97.2 प्रतिशत तथा सीएम राइज विद्यालय की छात्रा कशिश पाटीदार ने 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया और जिले का गौरव बढ़ाया।
विद्यालयों का उत्कृष्ट प्रदर्शन-
सांदीपनी सीएम राइज विद्यालय एवं विजडम हायर सेकेंडरी स्कूल ने कक्षा 10वीं और 12वीं में शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज कर उत्कृष्टता का परिचय दिया। वहीं उत्कृष्ट विद्यालय ने कक्षा 10वीं में 100 प्रतिशत तथा 12वीं में 98.7 प्रतिशत परिणाम देकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
सफलता का श्रेय मेहनत और मार्गदर्शन को-
सफल विद्यार्थियों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उनका कहना है कि नियमित अध्ययन, लक्ष्य के प्रति समर्पण एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें यह मुकाम दिलाया।
जिलेभर में जश्न का माहौल-
परिणाम घोषित होते ही जिले के विद्यालयों में उत्सव जैसा माहौल बन गया। शिक्षकों और स्टॉफ ने विद्यार्थियों का माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर एवं शुभकामनाएं देकर उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों ने कहा कि यह सफलता केवल अंकों की नहीं, बल्कि सपनों, संघर्ष और संकल्प की जीत है।