दतिया। शहर की नगर पालिका में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने जनहित योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गरीबों के लिए बनाए जाने वाले शौचालयों के नाम पर लाखों रुपए का घालमेल किया गया, जबकि कई स्थानों पर शौचालयों का निर्माण धरातल पर हुआ ही नहीं।
RTI से खुला मामला, विभाग ने नहीं दी जानकारी,इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अधिवक्ता द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत नगर पालिका से शौचालय निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी गई। आरोप है कि विभाग ने जानकारी देने में टालमटोल की और स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इससे मामले में और अधिक संदेह गहरा गया।
कागजों में बने शौचालय, जमीन पर नहीं,,सूत्रों के मुताबिक, नगर में कई ऐसे शौचालय हैं जिनका रिकॉर्ड में निर्माण दिखाया गया है, लेकिन वास्तविकता में उनका अस्तित्व ही नहीं है। यानी कागजों में निर्माण दिखाकर सरकारी राशि निकाल ली गई और उसका गबन कर लिया गया।सीएमओ बोले- होगी जांच, दोषियों पर कार्रवाई,,नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनहित योजनाओं पर उठे सवाल,,,
यह मामला सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आखिर कितनी योजनाएं ऐसी होंगी, जिनमें इसी तरह से भ्रष्टाचार किया गया होगा? गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में इस तरह की लापरवाही और घोटाला प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन से पारदर्शिता की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सभी जनहित योजनाओं की ऑडिट कराने की भी मांग उठ रही है।
अब देखना यह होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या वाकई जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।