झाबुआ। नवागत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले में गेहूं उपार्जन की स्थिति का जायजा लेते हुए आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित रायपुरिया एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित (बी-पैक्स) झकनावदा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की अद्यतन स्थिति, स्लॉट बुकिंग व्यवस्था, उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध तौल कांटों की संख्या एवं उनकी क्षमता की विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों पर उपस्थित किसानों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के लिए ओआरएस एवं छाछ जैसे पेय पदार्थों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने केंद्रों पर गेहूं तौलने की प्रक्रिया तथा बारदानों में भंडारण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जित गेहूं का समय पर उठाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि केंद्रों पर अनावश्यक भंडारण की स्थिति न बने।
स्लॉट बुकिंग से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने किसानों को बताया कि शासन स्तर से 24 अप्रैल तक स्लॉट बुकिंग विंडो खुली रखी गई है। साथ ही एक तौल कांटे पर प्रतिदिन 1000 क्विंटल की सीमा को बढ़ाकर 1500 क्विंटल कर दिया गया है, जिससे अधिक मात्रा में उपार्जन संभव हो सकेगा।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य पारदर्शिता एवं सुचारू रूप से संपन्न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेटलावद तनुश्री मीणा, सहायक कलेक्टर आशीष कुमार, तहसीलदार अनिल बघेल, नायब तहसीलदार अंकिता भिडे, उप संचालक कृषि विभाग एन.एस. रावत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।